The Sharia Law: A Detailed Introduction

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The Sharia Law: A Detailed Introduction

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शरीयत कानून: एक विस्तृत परिचय

परिचयः
मानव समाज के विकास में धार्मिक और सामाजिक नियमों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। विभिन्न समाजों में धार्मिक नियमों का पालन करने के लिए विभिन्न कानूनी प्रणालियों का उपयोग किया जाता है, और इनमें से एक है ‘शरीयत कानून’। यह एक इस्लामिक कानूनी प्रणाली है जो कई इस्लामिक देशों में अपनाई जाती है। इस लेख में, हम ‘शरीयत कानून’ के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।

शरीयत कानून क्या है:
शरीयत कानून एक इस्लामिक कानूनी प्रणाली है जिसे इस्लामिक धर्म के आधार पर तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य धार्मिक और नैतिक नियमों के अनुसार व्यवस्था करना है जो व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन को एक उच्चतम आदर्श पर चलने के लिए मार्गदर्शन करे। शरीयत कानून के तहत कई विषयों पर निर्णय लिए जाते हैं जैसे कि विवाह, तलाक, मिराथ (आत्मा), जुर्म, आदि।

शरीयत कानून के स्रोत:
शरीयत कानून के मूल स्रोत कोरान और हदीस (प्रिय नबी की उपदेश) होते हैं। कोरान में अल्लाह के पास से दिए गए आदेश और दिशानिर्देशों को मान्यता देने की बात की गई है, जबकि हदीस में प्रिय नबी के जीवन के प्रतिसादों को आदर्श स्वरूप माना जाता है।

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शरीयत कानून की प्रमुख शाखाएँ:
शरीयत कानून की कई प्रमुख शाखाएँ होती हैं, जिनमें शफ़ी, हनफ़ी, मालिकी और हम्बली शाखाएँ शामिल हैं। ये शाखाएँ अपने-अपने स्रोतों और उनके विचारधारा के आधार पर शरीयत के निर्णय लेती हैं।

शरीयत कानून के प्रमुख तत्व:

तौहीद: इस्लाम में एक मात्र ईश्वर की मान्यता की जाती है, जिसे तौहीद कहा जाता है।
सलात: दिन में पाँच बार नमाज पढ़ने की आदत को सलात कहा जाता है।
सौम: रमज़ान महीने में रोज़ा रखने की प्रक्रिया को सौम कहा जाता है।
जकात: समाज के गरीबों की मदद के लिए धन या सामग्री का दान देने की प्रक्रिया को जकात कहा जाता है।
हज़: एक बार जीवन में मक्का की तरफ पीठ कर के जाने को हज़ कहा जाता है, जो हर मुस्लिम को करना चाहिए, जो शारीरिक और आर्थिक दृष्टि से संभव हो।
शरीयत कानून के विवाद:
शरीयत कानून के प्राकृतिक रूप में पालन के कारण कई विवाद भी उत्पन्न होते रहते हैं। कुछ लोग इसे मानवाधिकारों और सामाजिक समानता के खिलाफ मानते हैं, जबकि कुछ इसे अपने आध्यात्मिक मान्यताओं का हिस्सा मानते हैं।

निष्कर्ष:
शरीयत कानून एक व्यवस्थित और धार्मिक प्रणाली है जो इस्लामिक समुदाय में अपनाई जाती है। यह व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के हर पहलू को नियंत्रित करने के लिए निर्देशित करता है, लेकिन इसके विवादों के भी कई पहलू होते हैं। इसके बावजूद, यह एक महत्वपूर्ण आधार है जो इस्लामिक समुदाय में आदर्श जीवन की दिशा में मार्गदर्शन करता है।

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